शेड्यूल कैसे काम करता है
बारी-बारी से चलने वाली कमेटी में हर सदस्य हर राउंड में एक जैसी रकम देता है, और एक सदस्य को पूरी रकम मिलती है। अगर 8 सदस्य हर हफ़्ते 50 देते हैं, तो हर राउंड की रकम 400 होती है, चक्र 8 हफ़्ते चलता है, और हर कोई कुल 400 देता है और एक बार 400 पाता है।
किसी को पैसे का फ़ायदा या नुकसान नहीं होता: कमेटी सिर्फ़ यह बदलती है कि पैसा आपको कब मिलता है। पहले पाने वालों को बिना ब्याज का एडवांस मिल जाता है; आख़िर में पाने वाले अनुशासन से बचत करते हैं, पर चक्र के दौरान उनके पैसे पर कोई कमाई नहीं होती।
क्रम कैसे तय करें
- पर्ची: अगर किसी को तुरंत ज़रूरत नहीं है, तो सबसे निष्पक्ष तरीका। ऊपर दिया बटन सूची को रैंडम क्रम में मिला देता है।
- ज़रूरत: बच्चे का जन्म, स्कूल फ़ीस या किराया — अगर ग्रुप सहमत हो, तो इनके लिए पहले बारी दी जा सकती है।
- भरोसा: नए सदस्यों और उन लोगों को, जिन्हें ग्रुप सबसे कम जानता है, आख़िर में रखें। जमैका में “partner” कमेटी चलाने वाले “बैंकर” ठीक यही करते हैं: जो सदस्य पहले ही रकम ले चुका है, अगर वह पैसे देना बंद कर दे, तो सबसे बड़ा जोखिम वही है।
पहला भुगतान होने से पहले क्रम लिख लें और सबके साथ शेयर करें। बाद में बदलाव करना झगड़ों की सबसे आम वजह है।
शुरू करने से पहले
देर से भुगतान, जुर्माने, किसी सदस्य की जगह दूसरे को रखने और आयोजक की किसी फ़ीस पर लिखित में सहमति बना लें। आयोजकों के लिए हमारी गाइड में नियमों का टेम्पलेट और एक रजिस्टर है: कमेटी कैसे चलाएं। दुनिया भर में कमेटी के नामों और इतिहास के लिए पढ़ें कमेटी और चिट फंड की ग्लोबल गाइड।
इस प्लानर के बारे में
यह आपके ब्राउज़र में चलता है: नाम और रकम न कहीं भेजे जाते हैं, न सेव होते हैं। यह सिर्फ़ कैलेंडर बनाता है; यह न पैसे इकट्ठा करता है, न ट्रांसफ़र करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कमेटी में कितने सदस्य होने चाहिए?
आम तौर पर 6 से 12 लोग। ज़्यादा सदस्य यानी बड़ी रकम, पर लंबा चक्र — और बीच में किसी के छोड़ देने की ज़्यादा संभावना।
क्या एक व्यक्ति दो बारी ले सकता है?
हां: उनका नाम दो बार लिखें। वे हर राउंड में दो किस्तें देंगे और दो बार रकम पाएंगे।
क्या कमेटी चलाना कानूनी है?
एक-दूसरे को जानने वाले लोगों के बीच अनौपचारिक कमेटी आम हैं और आम तौर पर इनकी इजाज़त होती है, पर नियम हर देश में अलग हैं। ऐसी किसी भी “कमेटी” से सावधान रहें जो सदस्यों के जमा किए पैसे से ज़्यादा लौटाने का वादा करे: अमेरिका के FTC जैसे रेगुलेटर इन्हें पिरामिड स्कीम बताते हैं।