कैश का अनुमान क्यों
मुनाफ़ा और कैश एक चीज़ नहीं हैं। कोई बिज़नेस अच्छी बिक्री करके भी कैश की कमी में फंस सकता है, क्योंकि ग्राहक देर से भुगतान करते हैं, स्टॉक पहले खरीदना पड़ता है या टैक्स उसी महीने चुकाना होता है। 12 महीने का अनुमान तंगी वाले महीने पहले ही दिखा देता है, जब कुछ करने का समय बाकी होता है।
इसे कैसे भरें
- पैसा तब गिनें जब वह असल में आए या जाए, तब नहीं जब आप इनवॉइस भेजते हैं।
- सीज़न के हिसाब से महीने भरें: गर्मियों का मंदा दौर, दिसंबर की भीड़, सालाना बीमा।
- अपनी खुद की सैलरी शामिल करें: अगर बिज़नेस आपको भुगतान नहीं कर पाता, तो यह भी कैश की समस्या है।
इस टेम्पलेट के बारे में
आप जो भी टाइप करते हैं, वह न कहीं भेजा जाता है, न सेव होता है। पेज बंद करने से पहले इसे लैंडस्केप में प्रिंट करें या PDF के रूप में सेव करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कैश फ़्लो और मुनाफ़े में क्या फ़र्क है?
मुनाफ़े में बिक्री और खर्च तब गिने जाते हैं जब वे कमाए या किए जाते हैं; कैश फ़्लो में पैसा तब गिना जाता है जब वह असल में आता-जाता है। देर से होने वाले भुगतान ही यह अंतर पैदा करते हैं।
अगर किसी महीने कैश माइनस में चला जाए तो?
ऐसा होने से पहले कदम उठाएं: बकाया इनवॉइस का भुगतान मांगें, कोई खरीदारी टालें, सप्लायर से भुगतान की मोहलत मांगें या थोड़े समय के फ़ाइनेंस का इंतज़ाम करें।
इसे कितनी बार अपडेट करना चाहिए?
हर महीने: अनुमान की जगह असल आंकड़े भरें और इसे एक महीना आगे बढ़ा दें।